रबी 2026-27 के लिए कृषि निदेशालय का बड़ा निर्देश: यूरिया-डीएपी की उपलब्धता, POS बिक्री, QR कोड, अवैध परिवहन और अनुदानित खाद के दुरुपयोग पर रहेगी पैनी नजर पटना, 23 अक्टूबर 2026 बिहार में रबी फसल 2026-27 के दौरान उर्वरकों की उपलब्धता,वितरण और बिक्री में अनियमितताओं को रोकने के लिए कृषि निदेशालय ने सभी जिला पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। कृषि निदेशक मुकेश कुमार लाल की ओर से जारी पत्र में खाद की जमाखोरी,कालाबाजारी,अवैध परिवहन,निर्धारित प्रक्रिया के उल्लंघन और अनुदानित उर्वरकों के दुरुपयोग पर सख्ती बरतने को कहा गया है।कृषि निदेशालय के इस पत्र का उद्देश्य किसानों को उचित माध्यम से पर्याप्त खाद उपलब्ध कराना,अनावश्यक खरीदारी पर रोक लगाना और उर्वरक वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।पत्र में जिला प्रशासन,कृषि विभाग और पुलिस के समन्वय से नियमित निगरानी एवं कार्रवाई करने पर विशेष जोर दिया गया है।पत्र का विवरण- जारीकर्ता: कृषि निदेशालय, बिहार, पटना।- पत्रांक: 2158 (उ०भो०-17)।- पत्र की तारीख: 23 अक्टूबर 2026।- प्रेषक: मुकेश कुमार लाल, कृषि निदेशक, बिहार, पटना।- प्रेषित: सभी जिला पदाधिकारी, बिहार।- विषय: रबी 2026-27 में उर्वरकों की उपलब्धता,वितरण एवं विचलन की रोकथाम हेतु अनुश्रवण।- प्रतिलिपि: सभी जिला कृषि पदाधिकारी एवं सभी संबंधित प्रमंडलीय संयुक्त निदेशक (शस्य) को आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजी गई है।कृषि विभाग के प्रधान सचिव एवं कृषि मंत्री के आप्त सचिव को भी सूचना दी गई है।पत्र में दिए गए 8 प्रमुख निर्देश1.किसानों को खाद की उपलब्धता की जानकारी देंकिसानों को उचित माध्यमों से बताया जाए कि उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है,ताकि अनावश्यक खरीदारी और खाद की कमी को लेकर अफरा-तफरी की स्थिति पैदा न हो।
2.POS के बजाय निर्धारित QR कोड आधारित बिक्री प्रक्रिया का पालनपत्र में कहा गया है कि FSAS के माध्यम से जिलों में किसानों को उर्वरक की बिक्री की जाए। पूर्व की भांति POS मशीन के माध्यम से बिक्री नहीं की जाए और सृजित वैध QR कोड के माध्यम से ही बिक्री सुनिश्चित की जाए।
3. जमाखोरी और कालाबाजारी पर नियमित निरीक्षणखाद की जमाखोरी एवं कालाबाजारी पर सख्ती से नियंत्रण के लिए नियमित निरीक्षण और कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। किसानों को मौसम के अनुरूप वास्तविक आवश्यकता के अनुसार ही खाद खरीदने के लिए प्रेरित करने को कहा गया है।
4. जिला प्रशासन, कृषि विभाग और पुलिस की संयुक्त टीमजिला स्तर पर प्रशासन, कृषि विभाग और पुलिस पदाधिकारियों को शामिल करते हुए संयुक्त दल गठित किया जाए। यह दल उर्वरकों के दुरुपयोग एवं अन्य अनियमित गतिविधियों पर निगरानी रखेगा।
5. 26 जिलों में विशेष निगरानीपत्र में पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, कटिहार, पूर्णिया, समस्तीपुर, सीतामढ़ी, बेगूसराय, बांका, अररिया, खगड़िया, मधेपुरा, गोपालगंज, सुपौल, शिवहर, मुंगेर, सिवान, बक्सर, औरंगाबाद, रोहतास, नालंदा, भोजपुर, पटना, कैमूर (भभुआ), किशनगंज, मधुबनी और नवादा का उल्लेख किया गया है।इन जिलों में पिछले वर्ष की तुलना में उर्वरक, विशेषकर डीएपी, की खपत में असामान्य वृद्धि पर निगरानी रखने और आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है, ताकि रबी 2026-27 में किसी भी प्रकार की अनियमितता रोकी जा सके।
6. सीमावर्ती जिलों में अवैध परिवहन पर विशेष सतर्कतासीमावर्ती जिलों में उर्वरकों की तस्करी और अवैध परिवहन रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश है। कालाबाजारी एवं अवैध बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन और कृषि विभाग के पदाधिकारियों की संयुक्त जांच टीम गठित कर नियमित छापेमारी कराई जाए। असामान्य बिक्री करने वाले डीलरों एवं खुदरा विक्रेताओं की पहचान भी की जाए।7. अनुदानित खाद की औद्योगिक उपयोग में खपत पर निगरानीकृषि हेतु उपलब्ध अनुदानित उर्वरकों का उपयोग औद्योगिक कार्यों में न हो, इसके लिए नियमित निगरानी और समीक्षा की जाए। यूरिया, डीएपी आदि अनुदानित उर्वरकों के साथ किसी अन्य उत्पाद की टैगिंग नहीं की जाए। उल्लंघन की स्थिति में प्राथमिकी दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
8. NPK और SSP के उपयोग को बढ़ावापत्र में एनपीके कॉम्प्लेक्स तथा सिंगल सुपर फॉस्फेट (SSP) के उपयोग को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया है, ताकि संतुलित उर्वरक उपयोग सुनिश्चित हो और डीएपी पर अत्यधिक निर्भरता कम की जा सके।कृषि निदेशक ने नियमित समीक्षा और कार्रवाई रिपोर्ट मांगी कृषि निदेशक ने सभी जिला पदाधिकारियों से निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने, नियमित समीक्षा करने और की गई कार्रवाई की रिपोर्ट अधोहस्ताक्षरी को उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।इससे स्पष्ट है कि रबी सीजन में उर्वरकों की आपूर्ति और बिक्री व्यवस्था की निगरानी को विभाग ने प्राथमिकता दी है।खाद कारोबार में पारदर्शिता पर जोर, उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई के संकेतकृषि निदेशालय के निर्देश में खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता,अनुदानित उर्वरकों के सही उपयोग और अवैध कारोबार पर नियंत्रण को प्रमुखता दी गई है। खास तौर पर बिना अनुमति अन्य उत्पादों की टैगिंग, जमाखोरी, कालाबाजारी और अवैध परिवहन जैसे मामलों पर कार्रवाई करने को कहा गया है।अब जिला स्तर पर इन निर्देशों का कितना प्रभावी अनुपालन होता है, यह संबंधित विभागों की निगरानी, जांच और कार्रवाई पर निर्भर करेगा।
कृषि भास्कर लेखन:भरत कुमार भगत




