इंफोसिस की कमाई में जबरदस्त उछाल, AI और मेगा-डील्स ने बढ़ाई रफ्तार

रेवेन्यू 11% बढ़कर ₹49,244 करोड़ पहुंचा, मुनाफे में 6% की वृद्धि; आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बना कारोबार का नया इंजन

बिजनेस डेस्क। देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी सर्विसेज कंपनी इंफोसिस ने दूसरी तिमाही में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी कारोबारी मजबूती का संकेत दिया है। कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 11% बढ़कर ₹49,244 करोड़ पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹44,490 करोड़ था। वहीं, कंपनी का शुद्ध मुनाफा भी 6% बढ़कर ₹7,823 करोड़ हो गया, जो एक साल पहले ₹7,364 करोड़ था।

रिकॉर्ड डील्स से कारोबार को मिला बूस्टर

इंफोसिस की इस वृद्धि के पीछे बड़े कारोबारी अनुबंधों की अहम भूमिका रही। कंपनी को दूसरी तिमाही में कुल 5.2 अरब डॉलर की रिकॉर्ड डील्स मिलीं। इनमें 62% हिस्सेदारी नए बिजनेस से आई। इसके अलावा, 2 अरब डॉलर से अधिक मूल्य की एक बड़ी मेगा-डील ने भी कंपनी की कारोबारी संभावनाओं को मजबूती दी।

इन बड़े अनुबंधों से आने वाले समय में कंपनी को नए प्रोजेक्ट्स और कारोबार के विस्तार के अवसर मिलने की उम्मीद है।

AI बना कमाई का नया सहारा

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती मांग इंफोसिस के लिए एक महत्वपूर्ण ग्रोथ ड्राइवर बनकर उभरी है। कंपनी की AI सर्विसेज की मांग में 29% की वृद्धि दर्ज की गई। इसके चलते कुल रेवेन्यू में AI का योगदान बढ़कर 10.5% हो गया।

दुनियाभर की कंपनियां अपने कारोबार में AI, ऑटोमेशन और डिजिटल तकनीक को तेजी से अपना रही हैं। ऐसे में इंफोसिस जैसी आईटी कंपनियों के लिए यह बाजार नए अवसर पैदा कर रहा है।

आगे क्या है कंपनी के लिए संकेत?

रेवेन्यू और मुनाफे में बढ़ोतरी, बड़े कॉन्ट्रैक्ट्स और AI सेवाओं की बढ़ती मांग इंफोसिस के कारोबार के लिए सकारात्मक संकेत हैं। हालांकि, भविष्य की वृद्धि इस बात पर भी निर्भर करेगी कि कंपनी इन डील्स को कितनी तेजी से राजस्व में बदलती है और वैश्विक आईटी खर्च का रुझान कैसा रहता है।

कुल मिलाकर, इंफोसिस के तिमाही नतीजे बताते हैं कि बड़े डिजिटल प्रोजेक्ट्स और AI आधारित सेवाएं कंपनी की विकास रणनीति में लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

RELATED ARTICLES

Most Popular