Homeकृषिअफीम पोस्ता की खेती के लाइसेंस पर केंद्र सरकार का नया आदेश

अफीम पोस्ता की खेती के लाइसेंस पर केंद्र सरकार का नया आदेश

गजट अधिसूचना संख्या 841 और 842 जारी; 23 अक्टूबर 2026 को वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग ने जारी कीं दो अधिसूचनाएं। लाइसेंस, पिछली फसल की औसत उपज, खेती के रकबे और पुराने लाइसेंसधारियों की पात्रता को लेकर अलग-अलग शर्तें निर्धारित की गई हैं।

इस अधिसूचना में अफीम गोंद प्राप्त करने के लिए अफीम पोस्ता की खेती के लाइसेंस से संबंधित पात्रता, उपज, खेती का क्षेत्र और लाइसेंस जारी करने की शर्तें निर्धारित की गई हैं।पिछली फसल की उपज का मानक: फसल वर्ष 2025-26 में खेती करने वाले किसानों के लिए औसत उपज और लाइसेंस पात्रता के नियम तय किए गए हैं। अधिसूचना में कुछ श्रेणियों के लिए 4.4 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर से कम औसत उपज होने पर पात्रता प्रभावित होने का प्रावधान है।पुराने लाइसेंसधारियों को राहत: निर्धारित शर्तों के अधीन उन किसानों के लाइसेंस पर भी विचार किया जाएगा, जिनकी पात्रता पिछली फसल की उपज या अन्य निर्दिष्ट कारणों से प्रभावित हुई थी।लाइसेंस की शर्तें: किसान ने निर्धारित क्षेत्र से अधिक खेती नहीं की हो, अवैध खेती के मामले में दोषसिद्धि जैसी अयोग्यता लागू न हो और केंद्रीय स्वापक ब्यूरो के निर्देशों का उल्लंघन न किया हो।खेती का अधिकतम क्षेत्र: पात्र किसानों को एक भूखंड में 0.10 हेक्टेयर तक का लाइसेंस देने का प्रावधान है। भूखंड एक से अधिक राजस्व खसरा नंबरों में फैला हो सकता है।अगले फसल वर्ष की चेतावनी: 2027-28 के लिए पात्रता में 2026-27 की औसत उपज को महत्व दिया गया है। अधिसूचना में 5.9 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर का न्यूनतम औसत उपज मानक दिया गया है।

800 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर का मानक: फसल वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित शर्तों के अनुसार औसत उपज का मानक पूरा करने वाले किसानों की पात्रता पर विचार किया जाएगा।लाइसेंस निलंबन से जुड़े मामले: कुछ किसानों को पिछली फसल की उपज के कारण निलंबित किए जाने के बाद अगले फसल वर्ष में निर्धारित शर्तों के अधीन पात्रता दी जा सकती है।उपज की अलग-अलग श्रेणियां: 2024-25 और 2025-26 की उपज, लाइसेंस की स्थिति तथा खेती किए जाने की वास्तविक स्थिति के आधार पर पात्रता निर्धारित होगी।खेती का अधिकतम क्षेत्र: प्रत्येक पात्र किसान को 0.05 हेक्टेयर के लिए लाइसेंस देने का प्रावधान है। भूखंड एक से अधिक राजस्व खसरा नंबरों में फैला हो सकता है।पांच साल तक प्रभावी लाइसेंस: अधिसूचना की निर्धारित शर्तों के अनुसार, पहली बार पात्र होने वाले किसानों को पांच फसल वर्षों के लिए लाइसेंस जारी करने का प्रावधान है।अगले वर्ष का उपज मानक: 2027-28 के लिए पात्रता की दृष्टि से 2026-27 में बिना लांसिंग वाले पोस्ता भूसे की औसत उपज 900 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर हासिल करने का मानक दिया गया है।

आवेदन और सूचना देने की व्यवस्था

अधिसूचनाओं में पात्र किसानों के नाम और संबंधित जानकारी केंद्रीय स्वापक ब्यूरो (CBN) की वेबसाइट तथा ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध कराने का प्रावधान है।वेबसाइट: cbn.gov.in⁠ऑनलाइन पोर्टल: cbnonline.gov.in⁠निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पात्र किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। मौजूदा लाइसेंसधारियों को पहले से उपलब्ध दस्तावेज दोबारा जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी, जब तक कि संबंधित जानकारी में बदलाव न हुआ हो।

किसानों के लिए महत्वपूर्ण सावधानियां

इन अधिसूचनाओं का अर्थ यह नहीं है कि कोई भी किसान बिना सरकारी अनुमति अफीम पोस्ता की खेती कर सकता है। खेती केवल अधिसूचित क्षेत्रों में, निर्धारित पात्रता और वैध लाइसेंस के आधार पर ही की जा सकती है। उपज के मानक, भूखंड का क्षेत्र और लाइसेंस की अन्य शर्तें पूरी करना आवश्यक है।

समाचार का आधार:

भाग II, खंड 3, उपखंड (i), दिनांक 23 अक्टूबर 2026; अधिसूचना संख्या 841 एवं 842, वित्त मंत्रालय, राजस्व विभाग।

लेखन: भरत कुमार भगत

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