सही नस्ल का चुनाव है सबसे जरूरी: अगर आप बत्तख पालन शुरू करना चाहते हैं, तो सबसे पहले अच्छी नस्ल का चुनाव करें. देसी नस्ल की बत्तखें उतने अंडे नहीं देतीं, जितने अंडे कुछ खास नस्लों से मिल सकते हैं. इसलिए ज्यादा अंडे देने वाली नस्ल पालने से कमाई बढ़ सकती है.
इंडियन रनर नस्ल देती है 280 अंडे: इंडियन रनर नस्ल की बत्तख अंडे देने के मामले में काफी अच्छी मानी जाती है. यह एक साल में करीब 280 अंडे दे सकती है. ऐसे में किसान इस नस्ल को पालकर नियमित रूप से अंडों से कमाई कर सकते हैं.
खाकी कैंपबेल से मिलते हैं 300 अंडे: खाकी कैंपबेल नस्ल भी अंडा उत्पादन के लिए जानी जाती है. यह एक साल में करीब 300 अंडे दे सकती है. यानी ज्यादा अंडे बेचकर किसान अपनी कमाई बढ़ा सकते हैं.
एक अंडे का थोक भाव 11 से 12 रुपये: बत्तख के अंडों की बाजार में अच्छी मांग रहती है. इनका एक अंडा थोक में करीब 11 से 12 रुपये तक बिकता है, जबकि खुदरा बाजार में इससे ज्यादा कीमत मिल सकती है. ऐसे में अंडों की बिक्री से नियमित आमदनी का रास्ता बन सकता है.
1000 बत्तखों के खाने पर रोजाना 2000 रुपये खर्च: बत्तख पालन में चारे और खाने-पीने का खर्च भी समझना जरूरी है. एक हजार बत्तखों के खाने पर रोजाना लगभग 2,000 रुपये तक का खर्च आ सकता है. हालांकि, यह खर्च चारे की कीमत और बत्तखों की जरूरत के हिसाब से बदल सकता है.
साफ जगह और सही देखभाल से बढ़ेगा मुनाफा: बत्तखों को पालने के लिए साफ-सुथरी और खुली जगह का इंतजाम करें. उनके खाने-पीने का समय तय रखें और सेहत का भी ध्यान दें. सही नस्ल, अच्छा खानपान और नियमित देखभाल से बत्तखों का अंडा उत्पादन बेहतर हो सकता है और यह कारोबार अच्छी कमाई का जरिया बन सकता है.
Published at : 03 Nov 2026 02:38 PM (IST)
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