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Stubble Burning: पाकिस्तानी धुएं ने घोटा दिल्ली-NCR का दम! भारत से 4 गुना ज्यादा जली पराली


Stubble Burning: दिल्ली-एनसीआर में ठंड की शुरुआत के साथ ही प्रदूषण ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. इस बार दिवाली से लगभग एक हफ्ते पहले ही हवा जहरीली होने लगी है. दिल्ली की हवा में घुल रहे इस जहरीले धुएं के पीछे पंजाब और हरियाणा के खेतों में जल रही पराली को भी एक बड़ी वजह माना जा रहा है. इतना ही नहीं, सीमा पार पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में भी बड़े पैमाने पर पराली जलाने की घटनाएं सामने आई हैं. 

अब इन सबका असर दिल्ली-एनसीआर की हवा पर भी पड़ रहा है. प्रदूषण बढ़ने से लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है. वहीं, इसका सीधा असर खेती और किसानों पर भी पड़ सकता है. खासकर धान की कटाई और रबी फसलों की बुवाई के बीच किसानों के सामने पराली निपटाने की चुनौती बढ़ गई है.

दिल्ली की हवा में अचानक कैसे बढ़ा प्रदूषण?

अक्टूबर के आखिरी दिनों में बारिश होने से दिल्ली की हवा काफी साफ हो गई थी. 30 अक्टूबर को दिल्ली का एक्यूआई घटकर 60 तक पहुंच गया था. इस साल अक्टूबर का औसत एक्यूआई 167 दर्ज किया गया, जो पिछले आठ साल में सबसे साफ अक्टूबर रहा. लेकिन नवंबर शुरू होते ही हालात बदल गए. 2 नवंबर को हवा की क्वालिटी तेजी से बिगड़ी और मंगलवार को औसत एक्यूआई करीब 330 तक पहुंच गया. वहीं, कुछ निगरानी केंद्रों पर एक्यूआई 400 के पार दर्ज किया गया. इसके बाद पूरे एनसीआर में ग्रैप का दूसरा चरण लागू कर दिया गया है. 

पाकिस्तान और भारत में पराली जलाने से बढ़ी परेशानी

इस बार दिल्ली के प्रदूषण में पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में जल रही पराली का धुआं भी चिंता बढ़ा रहा है. सैटेलाइट आंकड़ों के मुताबिक, 1 से 29 अक्टूबर के बीच पाकिस्तान के पंजाब में पराली जलाने की 13,241 घटनाएं दर्ज की गईं. वहीं, भारतीय पंजाब में यह आंकड़ा 3,158 रहा. यानी पाकिस्तान में पराली जलाने की घटनाएं करीब चार गुना ज्यादा दर्ज हुईं. उत्तर-पश्चिमी हवाएं खेतों से उठने वाले धुएं को दिल्ली की तरफ ला रही हैं. हवा की रफ्तार कम होने के कारण धुआं वातावरण में फैलने के बजाय जमीन के आसपास जमा हो रहा है.
Stubble Burning: पाकिस्तानी धुएं ने घोटा दिल्ली-NCR का दम! भारत से 4 गुना ज्यादा जली पराली

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किसानों के लिए भी बढ़ सकती है मुश्किल

प्रदूषण बढ़ने के साथ किसानों के सामने भी पराली के निपटारे की चुनौती खड़ी हो गई है. दरअसल, अक्टूबर में चक्रवात के असर से हुई बेमौसम बारिश के कारण कई जगह धान की कटाई में देरी हुई थी. अब किसान तेजी से फसल काट रहे हैं. ऐसे में खेतों में धान के अवशेष यानी पराली की मात्रा बढ़ सकती है. अगर इसका सही तरीके से प्रबंधन नहीं हुआ, तो पराली जलाने की घटनाएं भी बढ़ सकती हैं.

अगले कुछ दिन दिल्ली-NCR के लिए भारी

मौसम विभाग के मुताबिक, अगले चार दिनों तक उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलने की संभावना है. इससे खेतों से उठने वाला धुआं दिल्ली की तरफ आ सकता है. तापमान में गिरावट और धीमी हवाओं के कारण प्रदूषण लंबे समय तक बना रह सकता है. ऐसे में अगले दो से तीन दिनों में एक्यूआई गंभीर श्रेणी में पहुंचने का खतरा है. 

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