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Sugarcane Price: दिवाली से पहले किसानों को तोहफा! गन्ने पर 709.50 रुपये प्रति टन बोनस


Sugarcane Price Tamil Nadu: तमिलनाडु के गन्ना किसानों को दिवाली से पहले अच्छी खबर मिल सकती है. राज्य सरकार ने 2025-26 के पेराई सीजन के लिए गन्ना किसानों को 709.50 रुपये प्रति टन की दर से अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने के लिए 603.34 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं. 

इस रकम के मिलने के बाद पात्र किसानों को केंद्र सरकार की ओर से तय गन्ने के भाव को मिलाकर 4,000 रुपये प्रति टन मिलेंगे. हालांकि, किसान संगठनों की मांग है कि, सरकार इस पैसे को दिवाली से पहले किसानों के खातों में पहुंचाए, ताकि त्योहार के समय उन्हें आर्थिक मदद मिल सके.

गन्ना किसानों को मिलेंगे 4,000 रुपये प्रति टन

तमिलनाडु में गन्ने का पेराई सीजन आमतौर पर 1 अक्टूबर से शुरू होकर अगले साल 30 सितंबर तक चलता है. इस बार 2025-26 का सीजन 30 सितंबर को खत्म हो चुका है. अब किसान राज्य सरकार की ओर से घोषित अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि का इंतजार कर रहे हैं. केंद्र सरकार ने इस सीजन के लिए गन्ने का उचित एवं लाभकारी मूल्य (FRP) तय किया है. इसके तहत किसानों को कम से कम 3,290.50 रुपये प्रति टन का भुगतान मिल चुका है. राज्य सरकार की ओर से मिलने वाले 709.50 रुपये प्रति टन को जोड़ने पर पात्र किसानों को कुल 4,000 रुपये प्रति टन मिलेंगे. सरकार ने इस बार प्रोत्साहन राशि बढ़ाई है. पिछली डीएमके सरकार के समय यह 349 रुपये प्रति टन थी.

करीब 9 हजार किसानों को मिलेगा फायदा

राज्य सरकार की इस मदद से सीजन के दौरान गन्ना बेचने वाले करीब 9 हजार पंजीकृत किसानों को फायदा मिलने की उम्मीद है. 2025-26 के सीजन में तमिलनाडु की कुल 29 चीनी मिलों में गन्ने की पेराई हुई. इनमें 12 सहकारी, दो सरकारी और करीब 15 निजी चीनी मिलें शामिल थीं.

इस दौरान राज्य में चीनी की औसत रिकवरी करीब 9 फीसदी रही. रिकवरी का मतलब है कि एक तय मात्रा में गन्ने से कितनी चीनी निकलती है. सिर्फ चार मिलों में यह दर 9.5 फीसदी से थोड़ी ज्यादा रही. धर्मपुरी की सुब्रमणिया शिवा सहकारी चीनी मिल में सबसे ज्यादा रिकवरी दर्ज की गई.
Sugarcane Price: दिवाली से पहले किसानों को तोहफा! गन्ने पर 709.50 रुपये प्रति टन बोनस

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क्या होता है गन्ने का FRP?

FRP यानी उचित एवं लाभकारी मूल्य वह न्यूनतम भाव है, जो चीनी मिलों को किसानों से खरीदे गए गन्ने के लिए देना होता है. केंद्र सरकार हर पेराई सीजन से पहले यह भाव तय करती है. इसके लिए कृषि लागत एवं मूल्य आयोग की सिफारिशों को ध्यान में रखा जाता है. गन्ने से चीनी निकलने की दर के हिसाब से FRP में बदलाव भी होता है.

किसानों को दिवाली से पहले पैसे मिलने का इंतजार

किसानों का कहना है कि, इस साल कम बारिश की वजह से उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा है. ऐसे में अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि मिलने से खेती और घर के खर्च में मदद मिलेगी. इसी वदह से किसानों ने सरकार से दिवाली से पहले यह रकम जारी करने की मांग की है. अब किसानों की नजर इस बात पर है कि, सरकार मंजूर की गई राशि कब तक उनके खातों में भेजती है.

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