दरअसल, हम बात कर रहे हैं सिक्किम की. इस राज्य ने खेती में रासायनिक खाद और कीटनाशकों का इस्तेमाल बंद करके जैविक खेती को अपनाया. साल 2016 में इसे देश का पहला 100 प्रतिशत ऑर्गेनिक राज्य घोषित किया गया. इस सफर की शुरुआत साल 2003 में हुई थी.
राज्य में 66 हजार से ज्यादा किसान परिवार जैविक और प्राकृतिक खेती से जुड़े हैं. यहां खेती का तरीका ऐसा रखा गया है, जिससे मिट्टी, पानी और आसपास के पर्यावरण को नुकसान कम पहुंचे.
रासायनिक खाद की जगह किसान गोबर की खाद, कंपोस्ट और वर्मी कंपोस्ट का इस्तेमाल करते हैं. खेतों में पोषक तत्व बनाए रखने और कीटों से फसल बचाने के लिए भी जैविक तरीके अपनाए जाते हैं.
सिक्किम में बड़ी इलायची, अदरक, हल्दी, मक्का, फल और सब्जियों की खेती प्रमुखता से होती है. यहां की जलवायु और पहाड़ी जमीन कई तरह की बागवानी फसलों के लिए भी अच्छी मानी जाती है.
किसानों की उपज को बेहतर बाजार दिलाने के लिए किसान उत्पादक संगठन यानी FPO बनाए गए हैं. सरकार जैविक फसलों की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और ब्रांडिंग पर भी काम कर रही है, ताकि किसानों को उनकी उपज का सही दाम मिल सके.
सिक्किम में जैविक खेती को बढ़ावा मिला है, लेकिन किसानों के सामने कम पैदावार, कीटों का खतरा और बाजार तक उपज पहुंचाने जैसी दिक्कतें भी हैं. कई बार जैविक उत्पादों के लिए अलग से अच्छा दाम नहीं मिल पाता. इसलिए किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए बेहतर बाजार और भंडारण की व्यवस्था जरूरी है.
Published at : 04 Nov 2026 02:30 PM (IST)
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