Homeकृषिमक्का बाजार में तेजी के संकेत!बढ़ती मांग से कीमतों में उछाल की...

मक्का बाजार में तेजी के संकेत!बढ़ती मांग से कीमतों में उछाल की उम्मीद

मध्य प्रदेश की मंडियों में ₹30 से ₹110 प्रति क्विंटल तक की तेजी, बिहार के पूर्णिया में ₹2,950 से ₹3,000 तक पहुंचा भाव;महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में भी प्रीमियम मक्का की मजबूत मांग।

कृषि भास्कर | कृषि बाजार विश्लेषण

देश के मक्का बाजार में इन दिनों तेजी के संकेत दिखाई देने लगे हैं। महाराष्ट्र, दक्षिण भारत और मध्य प्रदेश की कई मंडियों में मक्का की कीमतों में सुधार दर्ज किया गया है।वहीं बिहार के सीमांचल क्षेत्र में भी मक्का के भाव मजबूत बने हुए हैं।बाजार के मौजूदा रुझान को देखते हुए आने वाले 7 से 15 दिनों में प्रीमियम गुणवत्ता वाले मक्का की कीमतों में ₹100 से ₹200 प्रति क्विंटल तक की अतिरिक्त तेजी की संभावना जताई जा रही है।

मध्य प्रदेश की मंडियों में ₹110 तक की तेजी

मध्य प्रदेश की विभिन्न मंडियों में मक्का के भाव में ₹30 से ₹110 प्रति क्विंटल तक की तेजी दर्ज की गई है। बैतूल में ₹2,500 से ₹2,800, बदरवास में ₹2,250 से ₹2,600 और गोटेगांव में ₹2,500 से ₹2,750 प्रति क्विंटल का भाव रहा।जबलपुर की मंडियों में नई गीली मक्का ₹1,900 से ₹2,300 तथा सूखी मक्का ₹2,300 से ₹2,750 प्रति क्विंटल के बीच रही। वहीं इटारसी में भाव ₹2,600 से ₹2,700 तक पहुंच गया।

बिहार के सीमांचल में मक्का बाजार मजबूत

बिहार और पूर्वी भारत की मंडियों में भी मक्का की कीमतों में मजबूती देखने को मिल रही है। उपलब्ध बाजार भाव के अनुसार कटिहार में ₹2,600 से ₹2,900, बेगूसराय में ₹2,650 से ₹2,900 और पूर्णिया में ₹2,900 से ₹3,000 प्रति क्विंटल का भाव दर्ज किया गया।पूर्णिया की गुलाबबाग मंडी में प्रीमियम मक्का का भाव ₹2,900 से ₹3,000 तथा ढालकोला में ₹2,800 से ₹3,000 प्रति क्विंटल बताया गया है। सीमांचल क्षेत्र में मक्का की खरीद गुणवत्ता और नमी के आधार पर की जा रही है।

महाराष्ट्र में प्रीमियम मक्का की मांग से बाजार को सहारा

महाराष्ट्र की मंडियों में भी मक्का का कारोबार मजबूत बना हुआ है। चांदवड़ में ₹2,600 से ₹2,900, धुले में ₹2,800 और जालना में ₹2,450 से ₹2,950 प्रति क्विंटल के भाव दर्ज किए गए।सांगली में मक्का ₹3,150 से ₹3,250 और राजनांदगांव में लगभग ₹3,250 प्रति क्विंटल तक बताया गया है।दक्षिण भारत में पोल्ट्री फीड, स्टार्च और एथेनॉल उद्योगों की ओर से मक्का की मांग बनी हुई है।औद्योगिक मांग के कारण अच्छी गुणवत्ता वाले मक्का को बाजार में बेहतर समर्थन मिल रहा है।

नई और पुरानी मक्का के भाव में बड़ा अंतर

मक्का बाजार में नई गीली और सूखी प्रीमियम मक्का की कीमतों में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है।नई गीली मक्का का भाव कई मंडियों में ₹1,900 से ₹2,100 प्रति क्विंटल है,जबकि अच्छी गुणवत्ता वाली प्रीमियम मक्का दक्षिण भारत के कुछ बाजारों में ₹3,400 प्रति क्विंटल से ऊपर पहुंच रही है।इस अंतर के पीछे मक्का की नमी,दाने की गुणवत्ता,रंग,सफाई और औद्योगिक उपयोग के मानक प्रमुख कारण हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव, घरेलू मांग मजबूत

अंतरराष्ट्रीय बाजार में शिकागो बोर्ड ऑफ ट्रेड (CBOT) के मक्का वायदा में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। दिसंबर 2026 का वायदा लगभग 603.4 सेंट प्रति बुशल, मार्च 2027 का 617 सेंट और मई 2027 का 623.6 सेंट के आसपास बताया गया है।दूसरी ओर वैश्विक स्तर पर मक्का उत्पादन और आपूर्ति में वृद्धि के अनुमान भी बाजार को प्रभावित कर रहे हैं। दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील,अमेरिका और अर्जेंटीना जैसे प्रमुख उत्पादक देशों की फसल और निर्यात गतिविधियों पर कारोबारियों की नजर बनी हुई है।

अगले 15 दिनों में कैसा रहेगा मक्का बाजार?

बाजार विश्लेषण के अनुसार आने वाले 7 से 15 दिनों में प्रीमियम मक्का की कीमतों में ₹100 से ₹200 प्रति क्विंटल तक की तेजी की संभावना जताई जा रही है।हालांकि सामान्य गुणवत्ता वाली मक्का में तेजी सीमित रह सकती है।पोल्ट्री फीड और स्टार्च उद्योग की मांग,मंडियों में आवक, किसानों की बिक्री और प्लांटों की खरीदारी बाजार की अगली दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

किसानों और व्यापारियों के लिए जरूरी सलाह

मक्का बेचने से पहले स्थानीय मंडियों के ताजा भाव की जानकारी जरूर लें।अच्छी तरह सूखी और साफ मक्का की गुणवत्ता बनाए रखें।नमी के आधार पर मिलने वाले भाव का आकलन करें।प्लांटों की खरीद दर और भुगतान की शर्तों की जानकारी लेकर ही सौदा करें।केवल तेजी की उम्मीद में बाजार की स्थिति समझे बिना माल रोकने से बचें।

संपादकीय:भरत कुमार भगत

देश के मक्का बाजार में फिलहाल स्थिरता से मजबूती की ओर रुख दिखाई दे रहा है। बिहार के पूर्णिया, गुलाबबाग और कटिहार जैसे प्रमुख बाजारों में अच्छी गुणवत्ता वाली मक्का को बेहतर भाव मिल रहे हैं।आने वाले दिनों में औद्योगिक मांग और मंडियों की आवक बाजार की दिशा तय करेगी।हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण कीमतों में बदलाव की संभावना बनी रहेगी।

RELATED ARTICLES

Most Popular