मौसम विभाग की चेतावनी: 27 अक्टूबर से 1 नवंबर तक बिहार के कई इलाकों में वर्षा,वज्रपात और तेज झोंकेदार हवाओं की आशंका
पटना, 25 अक्टूबर 2026। बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहे गहरे निम्न दबाव के क्षेत्र के चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका के बीच बिहार के मौसम को लेकर चिंता बढ़ गई है।भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मौसम विज्ञान केंद्र, पटना की ओर से 24 अक्टूबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार,राज्य में 27 अक्टूबर से 1 नवंबर तक कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश तथा कुछ स्थानों पर भारी से अति भारी वर्षा हो सकती है।इसके साथ ही मेघगर्जन,वज्रपात और तेज झोंकेदार हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है।मौसम के इस संभावित बदलाव को देखते हुए किसानों,आम नागरिकों और प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।विशेष रूप से खेतों में तैयार फसलों, कटाई के लिए तैयार मक्का तथा खुले स्थानों पर रखी कृषि उपज को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
बंगाल की खाड़ी में कैसे बन रहा है तूफान ?
मौसम विभाग की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तथा उससे सटे दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना सुस्पष्ट निम्न दबाव का क्षेत्र 24 अक्टूबर को सुबह 8:30 बजे IST पर मौजूद था। इसके समुद्र में उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ने और अगले चरण में गहरे अवदाब में बदलने की संभावना जताई गई।विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, इसके 25 अक्टूबर तक अवदाब तथा 26 अक्टूबर की सुबह तक पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर चक्रवाती तूफान में परिवर्तित होने की संभावना थी।इसके बाद 27 अक्टूबर की सुबह तक इसके पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर पहुंचने का अनुमान व्यक्त किया गया था।हालांकि,चक्रवाती तूफान के बिहार में सीधे टकराने की बात प्रेस विज्ञप्ति में नहीं कही गई है।बिहार में बारिश,तेज हवा और वज्रपात का खतरा इस मौसमी प्रणाली के संभावित प्रभाव के रूप में बताया गया है। तूफान की वास्तविक तीव्रता,दिशा और आगे की स्थिति के लिए मौसम विभाग के नवीनतम बुलेटिन पर नजर रखना जरूरी है।
बिहार में 27 अक्टूबर से 1 नवंबर तक कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, राज्य में पूर्वी हवाओं के सक्रिय प्रवाह और मौसमी प्रणाली के प्रभाव से वातावरण में नमी बढ़ सकती है। इसके कारण बिहार के विभिन्न हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।27 अक्टूबर: कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश तथा कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की आशंका।28 अक्टूबर: बारिश के साथ मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं की संभावना बनी रह सकती है।29 अक्टूबर से 1 नवंबर: मौसमी प्रणाली के प्रभाव के अनुसार कई क्षेत्रों में बारिश और खराब मौसम का सिलसिला जारी रह सकता है।यह तारीखवार विवरण संभावित मौसमी प्रभाव का सार है,न कि प्रत्येक जिले के लिए निश्चित वर्षा की घोषणा।जिलेवार चेतावनी और बारिश की तीव्रता में बदलाव हो सकता है।
40–50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं
प्रेस विज्ञप्ति में राज्य के कुछ स्थानों पर मेघगर्जन एवं वज्रपात के साथ लगभग 40–50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार सतही हवाएं चलने की संभावना बताई गई है।तेज हवा और बारिश के कारण कमजोर पेड़, बिजली के खंभे, टिन की छतें,अस्थायी निर्माण और खुले स्थानों पर रखे सामान को नुकसान पहुंच सकता है।जलभराव वाले क्षेत्रों में आवागमन भी प्रभावित होने की आशंका है।
किसानों की बढ़ी चिंता, तैयार फसलों को हो सकता है नुकसान
बिहार में संभावित खराब मौसम का सबसे अधिक असर किसानों और कृषि कार्यों पर पड़ सकता है। खेतों में तैयार फसल, कटाई के लिए रखी उपज और खुले में रखे अनाज को बारिश से नुकसान पहुंचने की आशंका है।मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे फसलों की कटाई, सुखाने और भंडारण की योजना मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखकर बनाएं। खेतों में कटी हुई फसल को खुले में छोड़ने से बचें तथा आवश्यक होने पर तिरपाल या अन्य उपयुक्त साधनों से उसे ढककर सुरक्षित रखें।लगातार बारिश से खेतों में जलभराव, फसलों को नुकसान और कृषि कार्यों में देरी हो सकती है। इसलिए किसानों को स्थानीय कृषि विभाग और मौसम विभाग की सलाह के अनुसार ही आवश्यक कदम उठाने चाहिए।




