पूर्णिया समेत कई जिलों में भारी बारिश,वज्रपात और तेज हवाओं की आशंका; किसानों को फसल सुरक्षित रखने की सलाह
बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहे चक्रवाती तूफान ‘अनर्ब’ (Arnab) को लेकर मौसम विभाग ने बिहार में संभावित प्रतिकूल मौसम के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी है।मौसम विज्ञान केंद्र,पटना की ओर से 26 अक्टूबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आगामी 28 अक्टूबर से 1 नवंबर तक राज्य में बारिश की गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि होने की प्रबल संभावना है।इस दौरान कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश, जबकि कुछ स्थानों पर भारी से अति भारी वर्षा हो सकती है।मेघगर्जन, वज्रपात और तेज झोंकेदार हवाएं भी परेशानी बढ़ा सकती हैं।बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुआ चक्रवाती सिस्टममौसम विभाग की प्रेस विज्ञप्ति संख्या W-11011/01/2020-PWS, दिनांक 26 अक्टूबर 2026, के मुताबिक बंगाल की खाड़ी के मध्यवर्ती भाग तथा उससे सटे पश्चिम-मध्य क्षेत्र में चक्रवाती तूफान ‘अनर्ब’ पश्चिम की ओर बढ़ रहा है।विज्ञप्ति में इसके और अधिक तीव्र होने की संभावना जताई गई है।विभाग के अनुसार, 26 अक्टूबर की सुबह 8:30 बजे यह सिस्टम लगभग 15.4° उत्तरी अक्षांश और 88.5° पूर्वी देशांतर के आसपास केंद्रित था।यह गोपालपुर (ओडिशा) से लगभग 580 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व तथा विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश) से करीब 610 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व में स्थित था।प्रेस विज्ञप्ति में आशंका जताई गई है कि 26 अक्टूबर की मध्यरात्रि तक यह प्रचंड चक्रवाती तूफान और 27 अक्टूबर तक अति प्रचंड चक्रवाती तूफान में बदल सकता है।इसके बाद आंध्र प्रदेश और यानम के तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं तथा भारी बारिश का खतरा बढ़ सकता है।बिहार में 28 अक्टूबर से बदलेगा मौसममौसम विभाग के अनुसार,बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसमी प्रणाली और राज्य में पूर्वी हवाओं के प्रभाव से बिहार में 28 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश तथा कुछ स्थानों पर भारी से अति भारी वर्षा की संभावना व्यक्त की गई है।इस दौरान कुछ इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं।मेघगर्जन और वज्रपात की घटनाएं भी हो सकती हैं।लगातार बारिश होने पर निचले इलाकों में जलजमाव,सड़कों पर पानी भरने और यातायात प्रभावित होने की आशंका है।पूर्णिया और सीमांचल के किसानों की बढ़ सकती है चिंता।पूर्णिया,कटिहार, अररिया और किशनगंज समेत सीमांचल के किसानों के लिए यह मौसम विशेष सतर्कता की मांग करता है।धान की कटाई,खेतों में तैयार फसलों तथा खुले में रखी कृषि उपज पर बारिश का असर पड़ सकता है। तेज हवाओं और वज्रपात से भी नुकसान की आशंका बनी रह सकती है।हालांकि, प्रेस विज्ञप्ति में इन जिलों के लिए अलग-अलग बारिश की मात्रा या विशिष्ट चेतावनी का उल्लेख नहीं है।इसलिए स्थानीय स्तर पर मौसम विभाग के जिला-वार पूर्वानुमान और चेतावनियों पर नजर रखना जरूरी होगा।मक्का, धान और बागवानी फसलों को नुकसान की आशंका लगातार बारिश और तेज हवाओं से खड़ी फसलें गिर सकती हैं।खेतों में जलजमाव से फसलों की जड़ों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।कटाई के लिए तैयार धान तथा खुले में रखी कृषि उपज भी भीगने से प्रभावित हो सकती है। मक्का,धान,केले,पपीता आदी पौधों को तेज हवाओं से नुकसान पहुंच सकता है।किसानों के लिए मौसम विभाग की सलाह- पकी हुई फसलों की कटाई और सुरक्षित भंडारण की योजना स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार बनाएं।खेतों में कटी हुई फसल और खुले में रखे अनाज को तिरपाल से ढककर सुरक्षित स्थान पर रखें। खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था पहले से कर लें।प्रतिकूल मौसम के दौरान अनावश्यक सिंचाई और छिड़काव से बचें। मेघगर्जन और वज्रपात के समय खेतों,खुले मैदानों तथा पेड़ों के नीचे खड़े न रहें।बिजली चमकने या तेज हवा चलने पर सुरक्षित पक्के भवन में शरण लें।आम लोगों से सतर्क रहने की अपीलमौसम खराब होने पर कमजोर मकानों, टिन की छतों और अस्थायी संरचनाओं के पास जाने से बचें।भारी बारिश के दौरान जलभराव वाले रास्तों से गुजरने में सावधानी बरतें।बिजली के खंभों,तारों और पेड़ों से दूरी बनाए रखें।किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशों का पालन करें।मौसम पर रहेगी नजरमौसम विभाग ने आम लोगों और किसानों को सलाह दी है कि वे आधिकारिक मौसम पूर्वानुमान एवं जिला-वार चेतावनियों का नियमित रूप से अनुसरण करें।चक्रवाती तूफान की दिशा,तीव्रता और बिहार में उसके संभावित प्रभाव को लेकर यह खबर आपके द्वारा उपलब्ध कराई गई मौसम विज्ञान केंद्र,पटना की प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर तैयार की गई है।




