HomeUncategorized'सनातन की एकता तोड़ने की साजिश', हिंदू देवी-देवताओं की तुलना पर भड़के...

‘सनातन की एकता तोड़ने की साजिश’, हिंदू देवी-देवताओं की तुलना पर भड़के अखिलेश यादव – akhilesh yadav alleges conspiracy against sanatan samaj demands action on derogatory comparisons ntc apdy


समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सनातन समाज की एकता तोड़ने की साजिश का आरोप लगाया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर हिंदू देवी-देवताओं के बीच की जा रही कथित अपमानजनक तुलना पर नाराजगी जताई. साथ ही इस मामले की जांच कराने और जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.

अखिलेश यादव ने कहा कि राजनीतिक संरक्षण में घूम रहा एक व्यक्ति सनातन समाज की एकता को नुकसान पहुंचाने का काम कर रहा है. उन्होंने सवाल उठाया कि समाज में तनाव फैलाने के पीछे कोई बाहरी ताकत है या आंतरिक, इसकी गहराई से जांच होनी चाहिए. 

अखिलेश यादव ने कहा कि पूजनीय अवतारों के बीच जानबूझकर अपमानजनक तुलना की जा रही है. एक अवतार को दूसरे से बेहतर बताने की कोशिश सनातन समाज के खिलाफ गहरी साजिश है. उन्होंने कहा कि हर सच्चा सनातनी दोनों अवतारों का उपासक होता है और नवमी-अष्टमी को लेकर उसके मन में कोई भेद नहीं होता. उन्होंने कहा कि ‘लोकरक्षक’ और ‘लोकरंजक’ दोनों एक ही के अवतार हैं और उनकी लीलाएं अपने समय के अनुसार हुई हैं. ऐसे में उनके बीच अपमानजनक तुलना करने का क्या तर्क है और इसके पीछे किसका मकसद है, यह साफ होना चाहिए.

कार्रवाई की मांग

सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि ईशनिंदा का अपराध करने वाले व्यक्ति के पीछे उसके किसी साथी की गलत मंशा काम कर रही है. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर सभी राजनीतिक दल और उनके समर्थक भी उस व्यक्ति के खिलाफ एकजुट हो गए हैं. अगर इसे नहीं रोका गया तो समाज में अशांति और असंतोष का माहौल बन सकता है. उन्होंने ऐसे व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि समाज, सनातन और देश के हित में उसे रोकना जरूरी है.

मंदिरों और धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों का भी किया जिक्र

अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में देवी अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति के अपमान, मणिकर्णिका घाट को तोड़े जाने, मंदिरों को नुकसान पहुंचाने और शंकराचार्य पर आरोप लगाने जैसे मामलों का भी जिक्र किया. उन्होंने शंकराचार्य के बटुकों पर प्रहार और जन्माष्टमी मनाने पर रोक लगाकर तोड़फोड़ किए जाने का भी आरोप लगाया. अखिलेश ने सवाल उठाया कि क्या ये घटनाएं महज संयोग हैं या इनके पीछे कोई साजिश है.

अखिलेश यादव ने कहा कि किसी भी धर्म, मजहब, संप्रदाय या उनके आराध्यों और महापुरुषों के खिलाफ अपमानजनक बातें स्वीकार नहीं की जा सकतीं. उन्होंने मांग की कि इस मामले का उच्च स्तर पर संज्ञान लिया जाए और जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए. 

आपको बता दें कि, बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भगवान श्रीकृष्ण को लेकर दिए गए एक बयान पर हाल ही में विवाद शुरू हो गया है.

—- समाप्त —-



Source link

RELATED ARTICLES

Most Popular